चक्रवृद्धि ब्याज क्या है?
साधारण ब्याज में ब्याज सिर्फ़ मूल राशि पर मिलता है। चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज मूल राशि में जुड़ जाता है और अगली बार उस पर भी ब्याज मिलता है, यानी «ब्याज पर ब्याज»। शुरू में फ़र्क छोटा लगता है, लेकिन लंबे समय में यह बहुत बड़ा हो जाता है। इसीलिए ग्राफ़ का हरा हिस्सा हर साल तेज़ी से बढ़ता है।
चक्रवृद्धि ब्याज का फ़ॉर्मूला
- A = कुल राशि (मिश्रधन)
- P = मूलधन
- r = सालाना ब्याज दर दशमलव में (7% = 0.07)
- n = साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है
- t = साल
उदाहरण: ₹2 लाख की FD, 7% ब्याज, तिमाही कंपाउंडिंग (भारत में ज़्यादातर बैंक FD पर ऐसा ही करते हैं), 5 साल → 2,00,000 × (1 + 0.07 ÷ 4)20 ≈ ₹2,82,956, यानी लगभग ₹82,956 ब्याज।
साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज की तुलना
₹10,000 पर 8% सालाना, बिना जमा और टैक्स के:
| साल | साधारण ब्याज | चक्रवृद्धि ब्याज | अंतर |
|---|---|---|---|
| 5 | 14,000 | 14,693 | 693 |
| 10 | 18,000 | 21,589 | 3,589 |
| 20 | 26,000 | 46,610 | 20,610 |
| 30 | 34,000 | 1,00,627 | 66,627 |
FD ब्याज पर टैक्स
FD और बचत खाते का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। अगर एक बैंक से साल में ब्याज ₹50,000 से ज़्यादा हो (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1 लाख), तो बैंक 10% TDS काटता है (PAN न देने पर 20%)। कम आय वाले लोग फ़ॉर्म 15G/15H देकर TDS से बच सकते हैं। कैलकुलेटर में अपनी स्लैब दर डालें, जैसे 5%, 20% या 30%।
72 का नियम
पैसा कितने साल में दोगुना होगा, यह जानने के लिए 72 को ब्याज दर से भाग दें। 7% पर लगभग 72 ÷ 7 ≈ 10 साल, 12% पर लगभग 6 साल। कैलकुलेटर आपके आँकड़ों के लिए सटीक समय बताता है।
चक्रवृद्धि ब्याज का फ़ायदा कैसे उठाएँ
- जल्दी शुरू करें। समय सबसे बड़ा हथियार है: स्लाइडर हिलाकर देखें कब ब्याज आपकी जमा से आगे निकल जाता है।
- नियमित जमा करें। छोटी मासिक रकम भी बड़ा फ़र्क डालती है। SIP कैलकुलेटर भी आज़माएँ।
- ब्याज बीच में न निकालें। FD में «क्युमुलेटिव» विकल्प चुनें, ताकि ब्याज दोबारा निवेश हो।
- टैक्स और महँगाई का ध्यान रखें। क्रेडिट कार्ड जैसे क़र्ज़ पर यही चक्रवृद्धि आपके ख़िलाफ़ काम करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चक्रवृद्धि ब्याज कैसे निकालें?
फ़ॉर्मूला A = P × (1 + r/n)^(n×t) से। ₹1 लाख पर 7% तिमाही कंपाउंडिंग के साथ 5 साल: 1,00,000 × (1.0175)^20 ≈ ₹1,41,478, यानी लगभग ₹41,478 ब्याज।
साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में क्या अंतर है?
साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज में पहले मिले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज कहीं ज़्यादा होता है।
FD पर ब्याज कितनी बार जुड़ता है?
भारत में ज़्यादातर बैंक क्युमुलेटिव FD पर ब्याज तिमाही जोड़ते हैं। कैलकुलेटर में «तिमाही» चुनें।
पैसा कितने साल में दोगुना होगा?
72 को सालाना ब्याज दर से भाग दें (72 का नियम)। 8% पर लगभग 9 साल, 6% पर लगभग 12 साल।
FD के ब्याज पर कितना टैक्स लगता है?
ब्याज आपकी आय में जुड़कर आपके स्लैब के हिसाब से टैक्स होता है। एक बैंक से साल में ₹50,000 (वरिष्ठ नागरिक ₹1 लाख) से ज़्यादा ब्याज पर 10% TDS कटता है।
यह कैलकुलेटर सिर्फ़ जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। असली परिणाम आपके बैंक या निवेश की शर्तों पर निर्भर करता है।